सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई का मामला किया बंद, यौन उत्पीड़न का लगा था आरोप

रंजन गोगोई
रंजन गोगोई

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने भारत के पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई का मामला बंद कर दिया है। पूर्व प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई पर कथित यौन उत्पीड़न और शीर्ष अदालत में पीठ फिक्सिंग के मामलों फंसाने के गहरे षड्यंत्र की स्वत: संज्ञान से शुरू की गई जांच प्रक्रिया को बंद करने का फैसला किया गया।

न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि करीब दो साल गुजर गए हैं और जांच के लिए इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड हासिल करने की संभावना बहुत कम है।

स्वत: संज्ञान से शुरू की गई जाँच प्रक्रिया को बंद करते हुए उच्चतम न्यायालय ने कहा कि न्यायमूर्ति गोगोई के खिलाफ कथित यौन उत्पीड़न मामले की अंदरूनी जाँच पहले ही पूरी की जा चुकी है।

न्यायमूर्ति एसए बोबड़े (वर्तमान प्रधान न्यायाधीश) की अध्यक्षता वाले तीन सदस्यीय पैनल ने उन्हें दोष मुक्त करार दिया था। पीठ में न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और न्यायमूर्ती वी रामासुब्रमणियन भी शामिल थे।

शीर्ष अदालत ने खुफिया ब्यूरो के निदेशक की चिट्ठी का हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि चूंकि न्यायमूर्ति गोगोई ने असम में राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी (एनआरसी) सहित अन्य कई मुश्किल फैसले सुनाए हैं, इसलिए संभवत: उन्हें फंसाने की साजिश की जा रही है। न्यायमूर्ति पटनायक के हवाले से पीठ ने कहा कि यह मानने के ठोस कारण हैं कि तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश गोगोई को फंसाने की साजिश की गई होगी।