संसद सदस्यों की निलंबन वापसी पर विपक्ष अड़ा, निलंबित सदस्यों द्वारा माफी मांगने से किया इंकार

राज्यसभा सदस्य निलंबन मामला

राज्यसभा में निलंबित सदस्यों की वापसी को लेकर सरकार और विपक्ष में तकरार लंबी खिच रही है। विपक्षी दलों ने कहा है कि सरकार संसद में लोकतंत्र की हत्या कर रही है और गलत तरीके से सदस्यों का निलम्बन किया गया है। इसलिए विपक्ष एकजुट है और विपक्ष के सभी निलम्बित 12 सदस्य माफी नहीं मांगेगे।

राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खडगे ने कहा कि संसद सदस्यों का निलम्बन नियम के विरुद्ध तथा संविधान के खिलाफ है और इस बारे में एक सप्ताह से लगातार राज्यसभा के सभापति से वापस लेने की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार सुन नहीं रही है।

उन्होंने कहा कि निलंबन में जो बातें कही गई है वैसा कुछ हुआ ही नहीं है लेकिन जबरन आरोप लगाए जा रहे हैं। सदस्यों का निलंबन गलत है और सरकार को सदन चलाना चाहिए और विपक्ष इसमें सरकार की मदद करेगा लेकिन पहले सरकार को निलम्बन वापस लेना होगा।

कांग्रेस के आनंद शर्मा ने कहा कि निलम्बित सदस्यों की सुनवाई नहीं हो रही है। सरकार को अपने रवैये में बदलाव लाना चाहिए। द्रमुक के त्रिची शिवा ने कहा कि सदस्यों का निलम्बन वापस लिया जाना चाहिए। उनका कहना था कि सदस्यों का निलम्बन पहले सत्र की घटना के आधार पर लिया गया है।