लखनऊ यूनिवर्सिटी के व्हाट्सएप ग्रुप में भेजा अश्लील फोटो, पुलिस नंबर ट्रेस करने में नाकाम

लखनऊ यूनिवर्सिटी के व्हाट्सएप ग्रुप

लखनऊ विश्वविद्यालय में ऑनलाइन प्रजेंटेशन के बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप में अश्लील फोटो और कंटेंट पोस्ट किया गया। चार दिन के अंदर दो बार ग्रुप में अश्लील सामग्री पोस्ट की गई। इसके साथ-साथ पोस्ट करने वाले ने इस ग्रुप से छात्र, छात्राओं और शिक्षकों के नंबर चुराकर एक अलग ग्रुप ही बना दिया।

छात्र-छात्राओं की शिकायत पर विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर प्रो. दिनेश कुमार ने हसनगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। इस समय विश्वविद्यालय के सभी विभाग विभिन्न माध्यम से ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं। इसके लिए तमाम व्हाट्सएप ग्रुप बनाये गए हैं।

विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास विभाग ने भी एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था। इस ग्रुप पर स्टूडेंट्स के प्रजेंटेशन हो रहे थे। 17 जुलाई को इस ग्रुप में एक अनजान मोबाइल नंबर से अश्लील फोटो और लिखित सामग्री पोस्ट की गई।

ग्रुप में शिक्षकों, छात्रों, छात्राओं के लिए अभद्र टिप्पणी भी की गई थी। शिकायत मिलने के बाद प्रॉक्टर प्रो. दिनेश कुमार ने हसनगंज थाने में 18 जुलाई को एफआईआर दर्ज कराई।

छात्र-छात्राओं से पूछताछ शुरू

मामले की गंभीरता देख पुलिस ने छात्र-छात्राओं से पूछताछ शुरू की। हालांकि चार दिन में पुलिस उस नंबर को ट्रेस नहीं कर पाई। इससे उसका हौसला और बढ़ गया और 21 जुलाई की रात 1.13 पर एक बार फिर से उस व्यक्ति ने ग्रुप पर अश्लील सामग्री भेजी।

छात्राएं, शिक्षक काफी असहज और परेशान हैं

लखनऊ विश्वविद्यालय ने कुछ समय पहले ऑनलाइन पढ़ाई के लिए SLATE नाम से एप तैयार कराया था। चीफ प्रॉक्टर प्रो. दिनेश ने बताया कि विश्वविद्यालय में सभी स्टूडेंट्स का डेटा बेस है। उन सभी में उनके व्यक्तिगत और वैकल्पिक व परिजनों के नंबर हैं। जिस नंबर से अश्लील सामग्री आयी उसे इस डेटा बेस में ढूंढा गया लेकिन नहीं मैच हुआ।