कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच महाराष्ट्र में ‘लॉकडाउन जैसी पाबंदियां’ एक जून तक बढ़ीं

महाराष्ट्र में कोरोना पाबंदी

मुंबई। महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले को देखते हुए लॉकडाउन जैसी पाबंदियों को एक जून तक के लिए बढ़ा दिया गया है। अन्य राज्यों से महाराष्ट्र में आने वालों के लिए आरटी-पीसीआर की निगेटिव टेस्ट रिपोर्ट अनिवार्य कर दी गई है। चिकित्सा सेवा और दुग्ध व्यवसाय को पाबंदियों से छूट दी गई है।

मुख्य सचिव सीताराम कुंटे की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि राज्य में लागू पाबंदियां अब एक जून सुबह सात बजे तक प्रभावी रहेंगी। अब परिवहन के किसी भी माध्यम से राज्य में प्रवेश करने वाले व्यक्ति को आरटी-पीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी, जो राज्य में आने से 24 घंटे पहले जारी की गई हो।

अन्य राज्य से महाराष्ट्र आने वाले मालवाहक वाहनों में सिर्फ दो लोगों को सफर की अनुमति होगी। राज्य में राशन दुकान, दूध एवं दूध निर्मित पदार्थों की दुकान, सब्जी, फल, मटन-चिकन, पशु चारा, बेकरी, मिठाई की दुकान, कृषि औजार संबंधित दुकान, पालतू पशुओं के खाद्यपदार्थ की दुकान, बारिश से पहले लोगों के लिए लगने वाले सामान की दुकानों को सुबह सात बजे से दिन में 11 बजे तक खोले जाने की अनुमति दी गई है।

मेडिकल और अन्य अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को पहले जैसी ही छूट कायम रहेगी। कोरोना रोधी टीकाकरण केंद्र भी पहले की ही तरह जारी रहेंगे।

महाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ते संक्रमितों के मद्देनजर 14 अप्रैल से 1 मई तक लॉकडाउन जैसी पाबंदियां लगाई गई थीं। इसे बाद में 15 मई तक बढ़ा दिया गया था। कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बुधवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंत्रिस्तरीय समूह की बैठक में महाराष्ट्र में पाबंदियों को बढ़ाए जाने का निर्णय लिया था, जिसे गुरुवार को जारी कर दिया गया। इस नियमावली का कठोरता से पालन किए जाने का निर्देश सभी जिलाधिकारियों को दिए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कोरोना की दूसरी लहर के प्रभावी होने के बाद राज्य में नई पाबंदियों की घोषणा करते समय कहा था कि हम इन पाबंदियों को लॉकडाउन नहीं कहेंगे।