लखीमपुर हिंसा: पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई सामने, मौत की वजह का हुआ खुलासा

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में रविवार को किसानों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में मरने वालों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि किसी भी किसान की मौत गोली लगने से नहीं हुई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, किसी की मौत घसीट ने से हुई तो किसी की मौत लाठी-डंडों की पिटाई से हुई है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आई मौत की वजह सामने

लवप्रीत सिंह, किसान – लवप्रीत सिंह की मौत घिसटने से हुई है। रिपोर्ट में शरीर पर चोट के कई निशान मिले हैं। शॉक और हेमरेज की वजह से हुई मौत।

गुरविंदर सिंह, किसान – इनके शरीर पर भी 2 चोट और घिसटने के निशान मिले हैं। गुरविंदर सिंह की मौत धारदार या नुकीली चीज से टकराने के बाद चोट लगने से हुई है।

दलजीत सिंह, किसान – इनके शरीर पर कई जगह घिसटने के निशान मिले हैं। दलजीत सिंह की मौत इसी कारण से होना बताया जा रहा है।

छत्र सिंह, किसान – मौत से पहले कोमा, हेमरेज और शॉक।‌ घिसटने के मिले निशान।

शुभम मिश्रा, बीजेपी नेता – लाठी और डंडों से हुई पिटाई। शरीर पर दर्जन भर से ज्यादा जगहों पर चोट के निशान मिले।

श्याम सुंदर, बीजेपी कार्यकर्ता – लाठी और डंडों से इसकी पिटाई की गई। घसीटने से शरीर पर दर्जन भर से ज्यादा चोटें आई और बाद में मौत हो गई।

हरिओम मिश्रा, अजय मिश्रा का ड्राइवर – लाठी और डंडों से इसकी पिटाई हुई। शरीर पर कई जगह चोट के निशान मिले हैं। मौत से पहले इन्हें शॉक और हेमरेज हुआ।

रमन कश्यप, स्थानीय पत्रकार – शरीर पर पिटाई से गंभीर चोट के निशान। शॉक और हेमरेज से हुई मौत।

इसने रची हिंसा की साजिश

लखीमपुर खीरी हिंसा की साजिश किसने रची और लोगों की मौत के लिए कौन जिम्मेदार है? क्या लखीमपुर खीरी में किसानों के बीच अराजक तत्व शामिल थे? ऐसे सवालों के जवाब अभी मिलने बाकी हैं। इस बीच यूपी सरकार ने मामले की हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज से जांच कराने का ऐलान किया है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है। प्रदेश सरकार ने कहा है कि इस पूरे मामले की जांच हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज से कराई जाएगी। हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों को राज्य सरकार 45-45 लाख रुपए और घायलों को 10-10 लाख रुपए का मुआवजा देगी।