Indian Railway: ओमिक्रॉन के चलते रेलवे अलर्ट, यात्रियों के लिए लागू होंगे ये नए नियम

गोरखपुर-मुम्बई स्पेशल ट्रेन

कोरोना का नया वेरिएंट ओमीक्रोन दक्षिण अफ्रीका से भारत पहुंच चुका है। भारत में ओमीक्रोन के 15 से अधिक केस मिल चुके हैं। बताया जा रहा है कि कोरोना का यह वेरिएंट पुराने डेल्टा वेरियंट्स से ज्यादा खतरनाक है। बता दें कि डेल्टा वेरिएंट ने भारत में काफी तबाही मचाई थी। डेल्टा वेरिएंट के चलते ही भारत में कई लोगों की जान गई थी।

कोविड-19 के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को देखते हुए पूर्व मध्य रेल (East Central Railway) कई एहतियाती कदम उठा रहा है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए रेलवे चिकित्सालयों में अनुभवी चिकित्सक, नर्स और पारामेडिकल स्टाफ 24 घंटे तैनात रहेंगे।

कोविड-19 से बचाव के लिए पूर्व मध्य रेल द्वारा अपने कर्मचारियों को कोविड के टीके लगवाने के लिए कई कदम उठाए गए। जिसका परिणाम है कि पूर्व मध्य रेल के लगभग 80 हजार रेलकर्मियों में से 72 हजार से भी ज्यादा रेलकर्मियों को टीका लग चुका है। लगभग 90 प्रतिशत कर्मचारियों को टीके के दोनों डोज लगाया जा चुका है।

टीके के अलावा पूर्व मध्य रेल (East Central Railway) द्वारा अपने कर्मचारियों को कोविड-19 से बचाव एवं आपात स्थित में चिकित्सा हेतु कई कदम उठाये गए हैं। इनमें कोविड-19 के मरीजों के इलाज के लिए 6 अस्‍पतालों को नामित किया गया है, जहां उनका उचित देखभाल एवं इलाज किया जाता है। इन अस्‍पतालों में कोविड-19 के मरीजों केलिए कुल 206 बेड, जिनमें से आइसीयू के 30 बेड एवं नॉन आइसीयू के 176 बेड आरक्षित किए गये हैं।

इस संबंध में  पूर्व मध्य रेल के सीपीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि कोविड-19 के नये वैरिएंट से उचित तरीके से निपटने हेतु उपरोक्त उपायों के साथ ही रेलवे राज्य सरकारों के अधिकारियों के साथ निरंतर समन्वय बनाए हुए है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा पूर्व मध्य रेल के कई स्टेशनों पर कोविड-19 की स्क्रीनिंग और जांच के लिए बूथ लगाए गये हैं।