Farmers Protest: सुप्रीम कोर्ट ने ट्रैक्टर मार्च पर रोक लगाने से किया इनकार, पुलिस पर छोड़ा मामला

Farmers Protest
ट्रैक्टर मार्च पर सुप्रीम फैसला, पुलिस देखे मामला

नई दिल्ली। लगभग दो महीने से जारी किसान आंदोलन (Farmers Protest) के बीच ट्रैक्टर मार्च को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए किसानों के ट्रैक्टर मार्च पर रोक लगाने से इंकार कर दिया। कोर्ट ने मामले में कोई भी आदेश देने से मना कर दिया और पुलिस से अपनी अर्जी वापस लेने को कहा।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम पहले ही कह चुके हैं कि यह मामला पूरी तरह पुलिस का है। इसमें पुलिस अपने हिसाब से फैसला ले। मामले पर सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल ने चीफ जस्टिस को बताया कि 5 हजार ट्रैक्टर लेकर दिल्ली में घुसने की बात कही जा रही है। इस पर सीजेआई ने कहा कि यह मसला पुलिस देखे। हमें इस पर कुछ नहीं कहना है।

वहीं किसान नेता राकेश टिकैत ने सख्त लहजे में कहा, ‘कौन रोकेगा ट्रैक्टर रैली को? बक्कल उतार देंगे।’ राकेश टिकैत ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि मंत्री कान खोलकर सुन लें किसान वापस नहीं जाएगा। 3 नए कृषि कानून  की वापसी और MSP पर कानून न बनने तक किसान डटा रहेगा और ट्रैक्टर रैली भी निकाली जाएगी।

इस दौरान सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई कमेटी पर भी चर्चा हुई। किसानों द्वारा इस कमेटी पर सवाल उठाया गया है। किसानों के इस आपत्ति पर सीजेआई ने कहा, ‘इस तरह किसी की छवि को खराब करना सही नहीं है। आपको कमेटी के समक्ष पेश नहीं होना मत हों लेकिन किसी की इस तरह ब्राडिंग न करें।’

भगवंत सिंह मान के कमेटी से हटने के बारे में जब कोर्ट को बताया गया तो CJI ने कहा कि अगर व्यक्ति किसी मामले में अपनी एक राय रखता है तो इसका मतलब क्या? कभी-कभी जज भी राय रखते हैं लेकिन सुनवाई के दौरान वो अपनी राय बदलकर फैसला देते हैं। सीजेआई ने कहा कि कमेटी के पास कोई अधिकार नहीं है तो आप कमेटी पर पूर्वाग्रह का आरोप नहीं लगा सकते। अगर आप कमेटी के समक्ष पेश नहीं होना चाहते तो हम आपको बाध्य नहीं करेंगे।