चक्काजाम पर राकेश टिकैत के ऐलान के बीच दिल्ली पुलिस ने गूगल को लिखा पत्र, क्या अब आएगा सच सामने?

नई दिल्ली। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने 6 फरवरी को होने वाले चक्का जाम को लेकर कहा कि दिल्ली, यूपी और उत्तराखंड में किसान चक्का जाम नहीं करेंगे। बताया जा रहा है कि गन्ना कटाई होने और मील पर गन्ने पहुंचने के चलते यह निर्णय लिया गया है।

उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के किसानों को स्टैंड बाय में रखा गया है। राकेश टिकैत ने कहा कि यूपी और उत्तराखंड के किसानों को कभी भी दिल्ली आने को बोला जाएगा तो वह दिल्ली आएंगे।

उधर दिल्ली पुलिस किसान आंदोलन के आड़ में भारत के खिलाफ विदेशी प्रोपेगेंडा को बेनाक करने की कोशिश में लगी है। मामले में दिल्ली पुलिस ने गूगल को पत्र लिखकर इस आईपी एड्रेस की जानकारी मांगी है जहां से टूलकिट वाली डॉक्यूमेंट फाइल बनाई गई थी।

बता दें कि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर किसानों द्वारा ट्रैक्टर रैली निकाली गई थी। ट्रैक्टर रैली में हिंसा के मामले में चल रही जांच को लेकर दिल्ली पुलिस ने आईपीसी की धाराओं 124ए, 153ए, 153, 120बी के तहत केस दर्ज किया है। हालांकि FIR में किसी को नामजद नहीं किया गया है।

दिल्ली पुलिस अभी केवल क्रिएटर्स के खिलाफ केस दर्द कर जांच कर रही है। दिल्ली पुलिस की साइबर सेल इस मामले की जांच कर रही है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर (क्राइम) प्रवीर रंजन के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने किसान आंदोलन के मामले में खालिस्तानी समर्थक संगठन द्वारा तैयार और पर्यावरण एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग द्वरा ट्विटर पर शेयर किए गए टूलकिट के संबंध में गुरुवार को एफआईआर दर्ज की है।

उन्होंने कहा कि इस टूलकिट का मकसद भारत सरकार के खिलाफ सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक जंग छेड़ना है।