बिहार में बाढ़ की विभीषिका, पटना में जलस्तर घटा, भागलपुर में स्थिति जस की तस

बिहार में बाढ़ की स्थिति

पटना। बिहार में बाढ़ से कई जिले प्रभावित हैं। कई जगहों पर रेलवे और सड़क मार्ग दोनों बंद हैं। लगातार जल स्तर में हो बढ़ोतरी से उत्तर और दक्षिण बिहार के कई जिलों में स्थिति खराब है। बिहार में मुंगेर जिले को छोड़कर सभी जिलों में बाढ़ का पानी घुस चुका है। हालांकि, केंद्रीय जल आयोग ने शुक्रवार तक गंगा के जल में कमी का अनुमान लगाया है।

राजधानी पटना में गंगा का जलस्तर तेजी से नीचे उतरने लगा है। बक्सर में गंगा खतरे के निशान से नीचे आ गई है। भागलपुर में अभी वैसे तो गंगा बढ़ रही है लेकिन अच्छी बात यह है कि पुनपुन पटना में लाल निशान से नीचे आ गई है और सोन नदी भी तेजी से उतर रही है। उत्तर बिहार की दूसरी नदियां अभी खतरे के निशान से काफी ऊपर हैं।

कोसी कटिहार और खगड़िया में खतरे के निशान से एक मीटर से अधिक ऊपर बह रही है। गंडक भी लगभग एक महीने से गोपालगंज में खतरे के निशान से ऊपर ही बनी हुई है।

राजधानी पटना के दीघा घाट में गंगा 49.12 मीटर पर बह रही है इसके आज 48.88 मीटर पर आने का अनुमान है। पटना के हाथीदह में गंगा 43.03 मीटर पर बह रही है, जिसके शुक्रवार तक 42.74 मीटर तक आने का अनुमान हैं। भागलपुर में गंगा 34.75 मीटर पर बह रही है जिसके आज घटकर 34.54 मीटर तक पहुंचने का अनुमान है।

मुंगेर में गंगा गुरुवार को 39.69 मीटर पर बह रही है, जो आज शुक्रवार को 39.38 मीटर तक आने का अनुमान हैं। हालांकि, फरक्का में यह नदी खतरे के निशान से 167 सेंटीमीटर ऊपर है। पटना के मनेर की बात करें तो यहां सोन नदी खतरे के निशान से मात्र 34 सेंटीमीटर ऊपर है। पुनपुन 54 सेंटीमीटर नीचे उतर गई है और खतरे के निशान से 13 सेंटीमीटर नीचे बह रही है।

उत्तर बिहार में कोसी, गंडक, बागमती और कमला समेत उत्तर बिहार की नदियों में जलस्तर का उतार-चढ़ाव लगातार जारी है। कोशी नदी खगड़िया में लाल निशान से 135 सेंटीमीटर जब भी कटिहार में 181 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।

गंडक का डिस्चार्ज वाल्मीकि नगर बराज पर 1 लाख 42 हजार क्यूसेक है और गोपालगंज में गंडक खतरे के निशान से लगभग 44 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।