धर्मांतरण मामले में उप्र पुलिस की एटीएस टीम ने दिल्ली से एक युवक को किया गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश पुलिस की एटीएस द्वारा धर्मांतरण के मामले को लेकर की गई कार्रवाई के तहत रोज नए खुलासे हो रहे हैं। इसी क्रम में राष्ट्रीय राजधानी के तकरीबन दर्जन भर लोगों के धर्म परिवर्तन की जानकारी सामने आने के बाद उप्र पुलिस एटीएस टीम ने द्वारका जिले के उत्तम नगर से एक युवक को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई है।

यूपी पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उत्तम नगर स्थित शीश राम पार्क इलाके में रहने वाले राहुल भोला नाम के मूक बधिर युवक को उत्तर प्रदेश एटीएस पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है। राहुल भोला पर आरोप है कि वह लोगों का धर्म परिवर्तन कराकर उन्हें मुस्लिम बनाने का काम करता था।

एक न्यूज एजेंसी से बात-चीत में राहुल भोला के बड़े भाई मुकुल और मां ललिता देवी ने बताया कि राहुल ने 2018 में ही घर छोड़ दिया था और परिवार वालों से सारे नाते तोड़कर मुस्लिम धर्म स्वीकार किया था। परिवार के अनुसार, घर से जाने के बाद उसने एक हिंदू पंजाबी लड़की से मुस्लिम रीति रिवाज के अनुसार, शादी की और उन दोनों से एक बेटी भी है।

मुकुल और उसकी मां राहुल के इस्लाम धर्म अपनाने के लिए स्कूल और उसके मुस्लिम दोस्तों को दोषी मानते हैं। उनका कहना है कि राहुल के मुस्लिम दोस्तों ने उनसे बेटा और बहू छीन लिया। साथ ही अब यह परिवार सरकार से भी गुहार लगा रहा है कि उनके बेटे की वापस हिन्दू धर्म में वापसी कराने के लिए कदम उठाएं।

राहुल भोला की हरकतों से शर्मिंदा है परिवार

राहुल भोला के बड़े भाई के अनुसार, सोमवार को लखनऊ से उनके पास यूपी एटीएस पुलिस द्वारा सूचना दी गई कि उनके भाई राहुल भोला को धर्म परिवर्तन कराने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। तभी से पूरा परिवार परेशान है क्योंकि राहुल भोला ने 2018 में ही इस घर को छोड़ दिया था और परिवार से भी सारे रिश्ते नाते तोड़ दिए थे। लेकिन उसके द्वारा की जा रही हरकतें कहीं ना कहीं परिवार को शर्मिंदा कर रही हैं। राहुल अपने परिवार में एक विशेष बच्चा था जहां उसके मूक बधिर होने के कारण परिवार का हर सदस्य उसे तवज्जों देता था।

लेडी नोइस स्कूल में जाने के बाद हुआ बदलाव

राहुल भोला के परिवार के अनुसार, वह एक धार्मिक विचारों का युवक था और वे कई बार कांवड़ लेने के लिए भी गया था, लेकिन राहुल भोला का एडमिशन लेडी नोएसे स्कूल में होने के बाद उसमें बदलाव शुरू हो गया। जहां से उसके मुस्लिम बनने की शुरुआत हुई।

इसके बाद उसने नोएडा के एनडीएस में भी पढ़ाई की जहां उसके अनेकों मुस्लिम दोस्त बने। जिसमें फैजल अंसारी अक्सर उसके घर आया करता था। हालांकि राहुल के बैग से टोपी मिलना और मस्जिद जाना आम बात हो गई थी और वह मुस्लिम धर्म के सारे फेस्टिवल को भी मनाने लगा था, लेकिन परिवार वाले इसे महज साधारण बात मान कर राहुल पर कोई रोक टोक नहीं लगा रहे थे। ऐसे में राहुल की हरकतें धीरे-धीरे बढ़ने लगी और वह मुस्लिम धर्म की तरफ पूरी तरह झुकने लगा।

2018 में छोड़ दिया था घर

मुकुल के अनुसार, परिवार वालों ने उसे समझाने की कोशिश की तो राहुल भोला परिवार से सारे रिश्ते नाते तोड़ कर 2018 में घर छोड़ कर चला गया। उसके बाद उसने अपने साथ पढ़ने वाली एक मूक-बधिर पंजाबी हिंदू लड़की रीता से मुस्लिम रीति रिवाज के साथ शादी कर ली और तभी से राहुल नजफगढ़ इलाके में रह रहा था। दोनों की एक बेटी भी है जिसका नाम भी मुस्लिम धर्म के मुताबिक है । राहुल भोला डाइकिन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड नाम की एसी कंपनी में काम करता था। जहां शुक्रवार को यूपी एटीएस पुलिस द्वारा उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था।

मेरा बेटा राहुल है होनहार

मां ललिता का कहना है कि राहुल उनका एक होनहार बेटा था जो भले ही मूक बधिर था, लेकिन दिमाग से बहुत तेज और शरीर से स्वस्थ था। ऐसे में धर्म परिवर्तन करवाने वालों ने उसका ब्रेनवाश कर दिया और तभी से उसने मुस्लिम धर्म को अपनाने के बाद टोपी पहनना, सुरमा लगाना, इत्र लगाना, पेंट को ऊंची चढ़ाकर पहनना, मस्जिद जाना, यहां तक की उसने कई बार रोजे भी रखे।

इसी को देखते-देखते उसने घर में होने वाली पूजा पाठ पर भी प्रश्न उठाना और उनका मजाक बनाना शुरू कर दिया। भगवान शिव पर दूध चढ़ाना, रामायण पढ़ना आदि बातों को लेकर उसने अपनी मां को भी कई बार मना किया और मां को बोला कि उनको पढ़ने के लिए वह मुस्लिम पुस्तक देगा जिसे पढ़कर उन्हें जन्नत मिलेगी।